. “लोग कहते हैं कि सुधर जाओ वरना. ज़िंदगी रूठ जायेगी हम कहते है, ज़िंदगी तो वैसे भी रूठी है पर हम सुधर गए तो हमारी पहचान रूठ जायेगी!”


Loading
0 0